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सामाजिक समरसता के भाव को लेकर वन क्षेत्र सुंदरदेव में आयोजित हुआ हिंदू सम्मेलन।

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सामाजिक समरसता के भाव को लेकर वन क्षेत्र सुंदरदेव में आयोजित हुआ हिंदू सम्मेलन।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समाज में आत्म गौरव और स्वाभिमान की भावनाओं को लेकर कार्य कर रहा हें। शशिकांत दुसाने

खंडवा। सामाजिक समरसता के भाव को लेकर पूरे जिले के गांव की बस्तियां एवं शहर की बस्तियों में हिंदू  सम्मेलन आयोजित किया जा रहे हैं बड़ी संख्या में सनातनी उपस्थित होकर वक्ताओं के उद्बोधन को सुन रहे हैं। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि सुदूर वन क्षेत्र सुंदरदेव में हुए हिंदू सम्मेलन आयोजित हुआ जिसमें बड़ी संख्या में वन क्षेत्र से लोग शामिल हुए। हिंदू सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शशिकांत दुसाने ने कहा कि हिंदू समाज की संगठित शक्ति ही भारत के स्वाभिमान का मूल आधार है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने समाज में आत्मगौरव और स्वाभिमान की भावना को जागृत करने का कार्य किया, जिसके परिणामस्वरूप आज भारत अपने “स्व” के आधार पर आत्मनिर्भर और सशक्त राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ रहा है।कार्यक्रम में आदिवासी क्षेत्रों की वर्तमान चुनौतियों पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि आदिवासी अंचलों में धर्मांतरण और लैंड जिहाद जैसी गतिविधियाँ गंभीर समस्या बनती जा रही हैं, जिनसे समाज और संस्कृति को नुकसान पहुँच रहा है। इन चुनौतियों का समाधान सामाजिक जागरूकता और संगठित प्रयासों से ही संभव है।स्वतंत्रता संग्राम के वीर योद्धा टंटिया मामा को स्मरण करते हुए कहा गया कि उन्होंने देश और समाज के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। यदि उस समय समाज संगठित होता, तो संभवतः भारत का स्वतंत्रता आंदोलन इतना लंबा और कष्टदायक न होता। प्रकृति पूजक आदिवासी समाज ने सदैव जल, जंगल और जमीन का संरक्षण किया है। उनकी जीवनशैली सदैव पर्यावरण संरक्षण के अनुकूल रही हैं।
कार्यक्रम में संत समाज से श्री शोभाराम बाबा ने संबोधित करते हुए कहा कि समाज को जाति,पंथ, भाषा का भेद मिटाकर हिंदुत्व के बारे में सोचना चाहिए।
समाज प्रमुख श्री दयाराम टाड़िलकर ने समाज से संगठित रहते हुए प्रकृति संरक्षण के लिए संघ द्वारा चलाए गए पंच परिवर्तन के बिंदुओं को दैनिक जीवन में अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को वर्तमान एवं भविष्य की आवश्यकता बताया।मातृशक्ति की ओर से सम्मेलन को श्रीमती सेवंती दीदी ने संबोधित किया। उन्होंने कुटुंब प्रबोधन विषय पर कहा कि परिवार को एक साथ भोजन, भजन , भ्रमण की आवश्यकता हैं। भागदौड़ भरे विश्व में स्वयं के परिवार के लिए समय निकालने की आवश्यकता हैं। उन्होंने कहा कि परिवार के लिए स्वयं के छोटे छोटे अहंकार त्यागना पड़ते हैं।समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि कार्यक्रम के अंत में समाज को संगठित रहकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प दिलाया गया एवं भारत माता की आरती हुई एवं सभी समाजो का एक साथ भोजन हुआ।

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